Jyeshtha
ज्येष्ठा
ज्येष्ठा — 'ज्येष्ठ' या 'प्रधान' — अधिकार, वरिष्ठता और शक्ति के भार का नक्षत्र। अंतारेस — आकाश के सबसे बड़े तारों में — पर अपार शक्ति और जिम्मेदारी।
स्वामी ग्रह
बुध
देवता
इंद्र
प्रतीक
वृत्ताकार ताबीज
तत्व
जल
गुण
सत्त्व
अंश
16°40' – 30°00' वृश्चिक
तारा
अंतारेस (ज्येष्ठा)
पशु
नर हिरण
रत्न
पन्ना
नाम अक्षर (आक्षर)
परंपरा के मुताबिक इस नक्षत्र में जन्मे लोगों के लिए इन अक्षरों से शुरू होने वाले नाम सुझाए जाते हैं।
व्यक्तित्व
ज्येष्ठा जातक वरिष्ठता का भार महसूस करते — दूसरों के लिए अधिक जिम्मेदारी लेते हैं। मजबूम नेतृत्व, तीक्ष्ण बुद्धि, गहन शक्ति भंडार। शक्ति रक्षा या हेरफेर दोनों के लिए।
गुण
- स्वाभाविक अधिकार और नेतृत्व
- जिम्मेदारी की भावना
- तीक्ष्ण बुद्धि और रणनीतिक मन
- रक्षात्मक प्रवृत्ति
- आध्यात्मिक गहराई और तीव्रता
- संकट में साहस
चुनौतियाँ
- नियंत्रक या प्रभावी
- ईर्ष्या और सत्ता संघर्ष
- अत्याचारी हो सकते
- अनावश्यक भार
- अहंकार या अभिमान
- अलगाव — 'ज्येष्ठ' होने की कीमत
करियर और व्यवसाय
प्रेम और रिश्ते
ज्येष्ठा जातक तीव्रता से वफादार और रक्षात्मक, पर नियंत्रक और स्वामित्ववादी। सम्मान और गरिमा की अपेक्षा। अधिकार को चुनौती देने वाले साथी का कड़ा विरोध।
स्वास्थ्य
प्रजनन, तनाव संबंधी रोग और कंधे-गर्दन। अंतारेस की तीव्रता — जल्दी जलना और burnout। नियमित विश्राम और आध्यात्मिक विश्राम जरूरी।
आध्यात्मिक पथ
ज्येष्ठा का मार्ग: वास्तविक अधिकार आंतरिक ज्ञान से, बाह्य शक्ति से नहीं। इंद्र की कथा — स्थान से चिपके दुःख — सिखाती मुक्ति स्थान छोड़ने में है।
देवता मंत्र
ॐ इन्द्राय नमः (Om Indraya Namah)
रत्न
पन्ना
कोई भी रत्न पहनने से पहले किसी ज्योतिषी से सलाह लें
उल्लेखनीय व्यक्तित्व
नोट: नक्षत्र गणना में जन्म समय सटीक होना ज़रूरी है। ये पारंपरिक खूबियाँ हैं और स्रोत के हिसाब से अलग हो सकती हैं।
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