✦  खगोलीय कैलेंडर

आने वाली आकाशीय घटनाएँ — ग्रहण, वक्री, संयोजन और ज़्यादा

आकाश लगातार बदलता रहता है। ग्रह वक्री होते हैं और फिर मार्गी, ग्रहण खास अक्षांशों को पार करते हैं, उल्का वर्षा धूमकेतु के मलबे में अपने शिखर पर होती है, ग्रह नज़दीकी युति में मिलते हैं, और पृथ्वी विषुव और अयनांत बिंदुओं से गुज़रती है।

AstroLumina का आकाशीय घटना कैलेंडर 30 दिनों से एक पूरे साल तक किसी भी खिड़की में 13 घटना प्रकारों को ट्रैक करता है: सौर और चंद्र ग्रहण, ग्रहीय संयोजन, वक्री अवधि, राशि प्रवेश, विषुव और अयनांत, सुपरमून, पूर्णिमा और अमावस्या, उल्का वर्षा, और ग्रह विरोध।

घटना के प्रकार से फ़िल्टर करें या तारीख के क्रम में पूरा कैलेंडर ब्राउज़ करें। हर घटना में सीधी भाषा में सारांश और उस घटना का खास विवरण शामिल है।

🌌 आने वाली आकाशीय घटनाएँ

ग्रहण, ग्रहीय युति, वक्री स्थान, राशि प्रवेश, विषुव, सुपरमून, उल्का वर्षा, अधिकतम दीर्घता और विरोध — सटीक एफेमेरिस डेटा के आधार पर।

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आने वाली आकाशीय घटनाएं: ग्रहण, वक्री ग्रह, उल्का वर्षा और युति

अगला ग्रहण कब है और कहां दिखाई देगा?

सूर्य ग्रहण अमावस्या की तरह किसी जीवन-क्षेत्र में नए आरंभ का द्वार खोल सकता है, जबकि चंद्र ग्रहण पूर्णिमा की तरह खुलासा और समापन लाता है। कैलेंडर ग्रहण का प्रकार, प्रभाव और किस क्षेत्र में वह बेहतर दिखाई देगा, यह दिखाता है।

वक्री ग्रह की छाया-अवधि कैसे काम करती है?

ग्रह सचमुच पीछे नहीं चलते; पृथ्वी से देखने पर ऐसा प्रतीत होता है। प्री-शैडो, वक्री स्टेशन, मार्गी स्टेशन और पोस्ट-शैडो मिलकर पूरा अनुभव बनाते हैं। बुध, शुक्र और मंगल के वक्री चरण रोज़मर्रा के मन, संबंध और कर्म पर अधिक महसूस हो सकते हैं; बुध वक्री को इसी संदर्भ में पढ़ें।

महायुक्ति को विशेष क्या बनाता है?

जब दो ग्रह आकाश में बहुत पास आते हैं, तो उसे युति कहा जाता है। कैलेंडर आंखों से दिखने वाली युतियां और गुरु-शनि जैसी बड़ी युतियां भी चिन्हित करता है। तीन या अधिक ग्रह पास हों तो वह दृश्य रूप से आकर्षक और ज्योतिषीय रूप से शक्तिशाली समूह बन सकता है।

अगला सुपरमून, विपक्ष या अधिकतम दीर्घता कब है?

सुपरमून पूर्णिमा का वह रूप है जब चंद्रमा पृथ्वी के अधिक पास होता है। मंगल, गुरु या शनि का विपक्ष देखने के लिए अच्छा समय देता है। बुध और शुक्र की अधिकतम दीर्घता उन्हें सुबह या शाम के तारे की तरह देखने में मदद करती है। इन घटनाओं को पंचांग, मुहूर्त खोजक, चंद्र कलाएं और गोचर के साथ पढ़ना अधिक अर्थपूर्ण होता है।

✦  सामान्य सवाल

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

यह कैलेंडर किस प्रकार की आकाशीय घटनाओं को कवर करता है?

तेरह प्रकार: सौर ग्रहण, चंद्र ग्रहण, ग्रहीय संयोजन, बहु-ग्रह संरेखण, वक्री स्टेशन, राशि प्रवेश, विषुव, अयनांत, सुपरमून, पूर्णिमा, अमावस्या, उल्का वर्षा, बुध/शुक्र अधिकतम विस्तार, और बाहरी ग्रह विरोध।

वक्री ग्रह के लिए 'छाया अवधि' क्या है?

छाया काल तब शुरू होता है जब ग्रह पहली बार उस डिग्री पर पहुँचता है जहाँ वह बाद में वक्री होगा। वक्री स्टेशन वह पल होता है जब यह पीछे की ओर मुड़ता दिखता है। प्रत्यक्ष स्टेशन वह होता है जब यह सीधी चाल में वापस आता है।

महायुति (ग्रेट कंजंक्शन) क्या है?

महायुति बृहस्पति और शनि का मिलन है, जो लगभग हर 20 साल में होता है। सदियों से इसे बड़े सामाजिक बदलावों का संकेत माना जाता रहा है।

सुपरमून और सामान्य पूर्णिमा में क्या अंतर है?

सुपरमून वह पूर्णिमा है जो चंद्रमा के पेरिजी (पृथ्वी के सबसे करीब का बिंदु) के पास पड़ती है। एक सुपरमून औसत पूर्णिमा से लगभग 6-7% बड़ा और 13-15% ज़्यादा चमकीला दिखता है।

ग्रहीय विरोध क्या है और यह तारा दर्शन के लिए अच्छा क्यों है?

विरोध तब होता है जब कोई ग्रह पृथ्वी के आकाश में सूर्य के ठीक सामने होता है — रात भर दिखाई देता है। यह ग्रह का पृथ्वी के सबसे करीब का समय भी होता है। शनि, बृहस्पति और मंगल के विरोध दूरबीन से उन्हें देखने के लिए साल की सबसे अच्छी तारीखें हैं।

बुध और शुक्र के लिए अधिकतम विस्तार क्यों अहम है?

बुध और शुक्र पृथ्वी से ज़्यादा सूर्य के करीब चक्कर लगाते हैं। उनका 'अधिकतम विस्तार' वह पल है जब वे सूर्य से सबसे दूर दिखते हैं — सुबह या शाम के तारे के रूप में उन्हें देखने के लिए साल की सबसे अच्छी खिड़कियाँ।

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