Pushya
पुष्य
पुष्य — 'पोषण' — सभी नक्षत्रों में सबसे शुभ माना जाता है। शनि का शासन, बृहस्पति की अध्यक्षता — अनुशासन और ज्ञान का संयोजन; सभी शुभ कार्यों के लिए आदर्श।
स्वामी ग्रह
शनि
देवता
बृहस्पति
प्रतीक
कमल / गाय का थन
तत्व
जल
गुण
तमस
अंश
3°20' – 16°40' कर्क
तारा
असेलस ऑस्ट्रेलिस
पशु
नर भेड़
रत्न
नीलम
नाम अक्षर (आक्षर)
परंपरा के मुताबिक इस नक्षत्र में जन्मे लोगों के लिए इन अक्षरों से शुरू होने वाले नाम सुझाए जाते हैं।
व्यक्तित्व
पुष्य जातक गहरे पोषण करने वाले, धैर्यवान और आध्यात्मिक बुद्धिमान। शांत अधिकार और दूसरों की देखभाल की सच्ची इच्छा। परिश्रमी, दृढ़; सेवा में संतोष। ज्ञान अनुभव से अर्जित।
गुण
- गहरे पोषण और देखभाल
- अत्यधिक धैर्य और दृढ़ता
- बुद्धिमान और आध्यात्मिक
- जिम्मेदार और कर्तव्यनिष्ठ
- उत्कृष्ट परामर्शदाता
- मजबूत नैतिक आधार
चुनौतियाँ
- अत्यधिक आत्म-त्याग
- जिद्दीपन
- पोषितों पर स्वामित्व
- स्वयं की जरूरतें उपेक्षा
- रूढ़िवादी, परिवर्तन-विरोध
- अत्यधिक सावधानी या भय
करियर और व्यवसाय
प्रेम और रिश्ते
पुष्य जातक समर्पित, पोषण करने वाले साथी; परिवार सर्वोपरि। स्थिर, विश्वसनीय, गहरी देखभाल। स्वामित्व हो सकता है; साथी को स्वतंत्र विकास का स्थान देना जरूरी।
स्वास्थ्य
पेट, पाचन, छाती और भावनात्मक भोजन। पोषण स्वभाव से अपनी भावनाएँ दबाना शारीरिक लक्षण बन सकता है।
आध्यात्मिक पथ
पुष्य गुरु का नक्षत्र — ज्ञान से पोषण। शनि का अनुशासन और बृहस्पति का ज्ञान सेवा, शिक्षण और क्रमिक आध्यात्मिक विकास का मार्ग। कोई भी साधना शुरू करने के लिए शुभ।
देवता मंत्र
ॐ बृहस्पतये नमः (Om Brihaspataye Namah)
रत्न
नीलम
कोई भी रत्न पहनने से पहले किसी ज्योतिषी से सलाह लें
उल्लेखनीय व्यक्तित्व
नोट: नक्षत्र गणना में जन्म समय सटीक होना ज़रूरी है। ये पारंपरिक खूबियाँ हैं और स्रोत के हिसाब से अलग हो सकती हैं।
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