🕯️ अनुष्ठान

आज के चंद्र चरण के हिसाब से आसान, सोची-समझी दिनचर्या।

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साधना और ज्योतिषीय समय

चक्रों का सम्मान

साधना इरादे को रूप देती है। चंद्र कलाओं या निजी गोचर के साथ इसे जोड़ने से अभ्यास मनमाना नहीं लगता, बल्कि समय की लय में बैठता है।

अपनी कुंडली जानें

अग्नि-प्रधान जन्म कुंडली को गति और क्रिया भा सकती है, जबकि पृथ्वी-प्रधान कुंडली स्थिरता और स्पर्श से शांत हो सकती है। जन्म कुंडली साधना को निजी बनाती है।

घर में साझा अभ्यास

एक ही घर में अलग-अलग लोग अलग तरह से साधना करते हैं। अनुकूलता की समझ अभ्यास को समावेशी रखती है और गोचर समय की पृष्ठभूमि देते हैं।

✦  सामान्य सवाल

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अमावस्या अनुष्ठान क्या है?

अमावस्या अनुष्ठान एक जागरूक अभ्यास है — जर्नलिंग, ध्यान, संकल्प लिखना, या मोमबत्ती जलाना — जिसमें आप अमावस्या के दौरान उन चीज़ों के बीज बोते हैं जो आने वाले 28-दिन के चंद्र चक्र में उगाना चाहते हैं। अमावस्या की ऊर्जा नई शुरुआत का साथ देती है।

पूर्णिमा अनुष्ठान क्या है?

पूर्णिमा अनुष्ठान चंद्र ऊर्जा के शिखर पर होता है और आमतौर पर उन चीज़ों को छोड़ने पर टिका होता है जो अब काम की नहीं — जर्नलिंग, कृतज्ञता अभ्यास, शुद्धिकरण स्नान, या रिलीज लिस्ट जलाना। पूर्णिमा वह रोशन करती है जो जाने के लिए तैयार है।

क्या चंद्र अनुष्ठान पेचीदे होने चाहिए?

बिल्कुल नहीं। एक आसान पाँच मिनट का अभ्यास भी — मोमबत्ती जलाना, एक संकल्प लिखना, या चंद्र चरण का ध्यान रखते हुए शांत बैठना — तब सार्थक होता है जब मन से किया जाए। पेचीदगी से ज़्यादा नियमितता मायने रखती है।

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