Uttara Ashadha
उत्तराषाढ़ा
उत्तराषाढ़ा — 'सार्वभौमिक विजय' — धर्मपूर्ण प्रयास से अंतिम उपलब्धि। पूर्वाषाढ़ा की प्रेरणा के विपरीत यहाँ विजय धीरे, धर्मपूर्ण प्रयास से — कछुआ जीतता है।
स्वामी ग्रह
सूर्य
देवता
विश्वेदेव
प्रतीक
हाथी का दांत
तत्व
पृथ्वी
गुण
रजस
अंश
26°40' धनु – 10°00' मकर
तारा
सिग्मा और टाऊ धनु
पशु
नर नेवला
रत्न
माणिक
नाम अक्षर (आक्षर)
परंपरा के मुताबिक इस नक्षत्र में जन्मे लोगों के लिए इन अक्षरों से शुरू होने वाले नाम सुझाए जाते हैं।
व्यक्तित्व
उत्तराषाढ़ा जातक गहरे सिद्धांतवादी, धैर्यवान; स्थायी उपलब्धि की ओर। धर्म — स्वयं के लिए सही कर्म। चरित्र से अधिकार; धीरे क्रोधित पर दृढ़ विश्वास।
गुण
- गहन अखंडता और धार्मिकता
- धैर्यवान और दृढ़
- गुण से नेतृत्व
- दीर्घकालिक परियोजनाओं में उत्तम
- सार्वभातृत्व में सम्मानित
- व्यावहारिक ज्ञान और निर्णय
चुनौतियाँ
- कठोर और अत्यधिक गंभीर
- अत्यधिक सावधानी से अवसर चूक
- गति जरूरी हो तो धीमे
- उच्च मानकों में अलगाव
- सिद्धांत के लिए व्यक्तिगत सुख त्याग
- अत्यधिक आत्म-आलोचना
करियर और व्यवसाय
प्रेम और रिश्ते
उत्तराषाढ़ा जातक गहरे प्रतिबद्ध, सिद्धांतवादी साथी। वफादारी सर्वोपरि; पारस्परिक अपेक्षा। प्रेम शब्दों से कम, स्थिर कर्म से। धर्म साझा करने वाला जीवनसाथी चाहिए।
अनुकूल नक्षत्र
स्वास्थ्य
घुटना, जोड़, त्वचा और दाँत (मकर प्रभाव)। धैर्यवान संविधा मजबूत; दबी भावनाएँ शारीरिक कठोरता बना सकती हैं।
आध्यात्मिक पथ
उत्तराषाढ़ा का मार्ग धर्म का आर्य अष्टांग मार्ग — प्रतिदिन पूर्ण अखंडता। विश्वदेवों का आशीर्वाद सार्वभौमिक सिद्धांतों से अर्जित। विजय दूसरों पर नहीं — अपने निम्न स्व पर।
देवता मंत्र
ॐ विश्वेभ्यो देवेभ्यो नमः (Om Vishwebhyo Devebhyo Namah)
रत्न
माणिक
कोई भी रत्न पहनने से पहले किसी ज्योतिषी से सलाह लें
उल्लेखनीय व्यक्तित्व
नोट: नक्षत्र गणना में जन्म समय सटीक होना ज़रूरी है। ये पारंपरिक खूबियाँ हैं और स्रोत के हिसाब से अलग हो सकती हैं।
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