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✦ हिंदू कैलेंडर

हिंदू व्रत कैलेंडर

2026–2027 के सभी प्रमुख उपवास दिन: पूर्णिमा, अमावस्या, प्रदोष, चतुर्थी और मासिक शिवरात्रि।

व्रत — उपवास का एक पवित्र संकल्प — हिंदू धर्म में सबसे प्राचीन आध्यात्मिक साधनाओं में से एक है। हर चंद्र कला और तिथि की अपनी ऊर्जा और अधिपति देवता होते हैं। सही तिथि पर उपवास आध्यात्मिक लाभ को बढ़ाता है। ये तिथियाँ दिल्ली (IST) के लिए गणना की गई हैं।

PurnimaAmavasyaPradoshVinayaka ChaturthiSankashti ChaturthiMasik Shivaratri

सभी समय UTC (UTC) के लिए दिखाए गए हैं। अपने सटीक सूर्योदय के अनुसार समय पाने के लिए डेली पंचांग पर अपना शहर चुनें।

2026 हिंदू व्रत कैलेंडर

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2027 हिंदू व्रत कैलेंडर

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यह व्रत कैसे रखें

  1. सूर्योदय से पहले उठें और स्नान करें
  2. अपना संकल्प लें और उगते सूर्य को जल अर्पित करें
  3. पूरे दिन अनाज, मांस, प्याज और लहसुन से बचें
  4. ऊपर दर्शाए शुभ समय पर आराध्य देवता की पूजा करें
  5. शाम को व्रत कथा पढ़ें या सुनें
  6. दर्शाए गए सटीक समय पर पारणा (व्रत तोड़ें) — पहले देवता को भोग लगाएं, फिर स्वयं खाएं

🥛 अनुमत खाद्य पदार्थ: दूध, फल, साबूदाना, सेंधा नमक, आलू, पानी

🏠 व्रत रखते हुए परिवार के लिए खाना बनाना स्वीकार्य है — भोजन छूना उल्लंघन नहीं माना जाता

⚠️ गर्भवती महिलाएं, वृद्ध और स्वास्थ्य समस्या वाले लोग आंशिक व्रत रखें या सच्ची प्रार्थना से उपवास का फल प्राप्त करें

व्रत क्यों रखें?

चंद्रमा के साथ तालमेल

हर तिथि चंद्रमा की स्थिति से मेल खाती है, जो हमारे शरीर के जल और भावनात्मक स्थितियों को प्रभावित करती है। खास तिथियों पर उपवास शरीर की ऊर्जा को ब्रह्मांडीय लय से मिलाता है।

देवताओं का आशीर्वाद

हर व्रत एक विशेष देवता को समर्पित होता है। उपवास, प्रार्थना और संयम से भक्त का हृदय उस देवता की कृपा पाने के लिए खुलता है।

तप (साधना)

उपवास से तप उत्पन्न होता है — आंतरिक ऊष्मा या साधना — जो सूक्ष्म शरीर को शुद्ध करती है, इच्छाशक्ति को मजबूत करती है और संचित कर्म को नष्ट करती है।

शरीर को आराम

आयुर्वेद सिखाता है कि समय-समय पर उपवास से पाचन बेहतर होता है। चंद्र चक्र के हिसाब से उपवास से पाचन तंत्र को आराम मिलता है और आम (विषाक्त पदार्थ) कम होते हैं।

व्रत गाइड

हर प्रमुख व्रत के लिए क्या खाएं, क्या न खाएं, अनुष्ठान, मंत्र और व्यावहारिक सुझाव।