नवरात्रि व्रत गाइड
अवधि: 9 दिन · कब रखें: चैत्र नवरात्रि (मार्च–अप्रैल) और शारदीय नवरात्रि (सितंबर–अक्टूबर)
शक्ति की उपासना, मन और शरीर की शुद्धि, स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए आशीर्वाद
अवधि
9 days
कब रखें
Chaitra Navratri (March–April) and Shardiya Navratri (September–October)
उपवास प्रकार
मध्यम उपवासअराध्य देवता
माँ दुर्गा (9 रूप)
उद्देश्य
Worship of Shakti, purification of mind and body, seeking blessings for health and prosperity
आप क्या खा सकते हैं
- साबूदाना
- कुट्टू का आटा
- सिंघाड़े का आटा
- राजगिरा (अमरंथ) आटा
- समा चावल
- सेंधा नमक
- सभी प्रकार के ताजे फल
- दूध, दही, पनीर
- मेवे और सूखे मेवे
- आलू और शकरकंद
- नारियल और नारियल पानी
- पकाने के लिए घी
क्या परहेज़ करें
- साधारण नमक (केवल सेंधा नमक इस्तेमाल करें)
- गेहूं, मैदा, साधारण चावल
- प्याज और लहसुन
- मांसाहारी भोजन
- शराब
- दाल और फलियाँ
- सरसों का तेल (घी या मूंगफली का तेल इस्तेमाल करें)
अपनी पारिवारिक परंपरा ज़रूर देखें — क्षेत्रीय रीति-रिवाज अलग-अलग हो सकते हैं।
अनुष्ठान और प्रथाएँ
- 1
सुबह और शाम दीपक जलाएं
- 2
दुर्गा सप्तशती या देवी स्तोत्र का पाठ करें
- 3
देवी को लाल फूल और लाल चुनरी चढ़ाएं
- 4
8वें या 9वें दिन: कन्या पूजा — छोटी लड़कियों को आमंत्रित करें और पूरी, चना, हलवा खिलाएं
व्रत कैसे तोड़ें
अष्टमी या नवमी को कन्या पूजा के बाद। पहले प्रसाद खाएं, फिर साधारण भोजन।
व्रत मंत्र
ॐ दुं दुर्गायै नमः (Om Dum Durgayai Namah)
व्रत के दिन 108 बार जपें
व्यावहारिक सुझाव
पानी की कमी न होने दें — खूब पानी और नारियल पानी पिएं
मूंगफली और आलू के साथ साबूदाना खिचड़ी एक पूरा भोजन है
कुट्टू की पूरी के साथ आलू की सब्जी नवरात्रि की पसंदीदा है
मखाने की खीर एक पौष्टिक मिठाई है
भ्रम से बचने के लिए सेंधा नमक अलग डिब्बे में रखें