शनिवार व्रत गाइड
अवधि: 1 दिन, हर शनिवार · कब रखें: हर शनिवार; खासकर शनि साढ़े साती या शनि दशा के दौरान
शनि को प्रसन्न करना, अशुभ शनि प्रभाव कम करना, अनुशासन और कर्म के लिए आशीर्वाद
अवधि
1 day, every Saturday
कब रखें
Every Saturday; especially during Shani Sade Sati or Shani Dasha
उपवास प्रकार
लचीला उपवासअराध्य देवता
भगवान शनि (शनि देव)
उद्देश्य
Appease Shani, reduce malefic Saturn effects, seek blessings for discipline and karma
आप क्या खा सकते हैं
- काले तिल के लड्डू प्रसाद के रूप में
- उड़द दाल सीमित मात्रा में
- अन्य दिनों में सरसों का तेल
- फल
- प्याज/लहसुन रहित साधारण भोजन
क्या परहेज़ करें
- तेल (कुछ परंपराओं में तलना वर्जित)
- मांसाहारी भोजन
- शराब
अपनी पारिवारिक परंपरा ज़रूर देखें — क्षेत्रीय रीति-रिवाज अलग-अलग हो सकते हैं।
अनुष्ठान और प्रथाएँ
- 1
सुबह पीपल के पेड़ के नीचे सरसों या तिल का दीपक जलाएं
- 2
कौओं और काले कुत्तों को खाना खिलाएं (शनि के दूत)
- 3
सरसों का तेल, काले तिल, उड़द दाल, काला कपड़ा दान करें
- 4
शनि चालीसा या शनि अष्टोत्तर (108 नाम) का पाठ करें
- 5
अगर सुलभ हो तो शनि मंदिर जाएं
व्रत कैसे तोड़ें
सूर्यास्त के बाद शाम को, साधारण भोजन से। शनि देव को लोहे की वस्तुएँ या काले तिल अर्पित करें।
व्रत मंत्र
ॐ शं शनिश्चराय नमः (Om Sham Shanaishcharaya Namah)
व्रत के दिन 108 बार जपें
व्यावहारिक सुझाव
साढ़े साती (7.5 वर्ष शनि गोचर) के दौरान यह व्रत खास तौर पर सुझाया जाता है
7 मुखी रुद्राक्ष या नीलम से व्रत का असर और बढ़ाया जा सकता है
शनिवार को ज़्यादा ईमानदार रहें — शनि ईमानदारी को इनाम देते हैं
शनिवार को नया काम न शुरू करें